ऋषि प्रकल्प
साधु, संत एवं महापुरुषों के मार्गदर्शन में धर्म, संस्कृति और आध्यात्मिक चेतना।
विस्तार देखेंश्री गुरु गोरखनाथ महाराज एवं श्री भर्तृहरि जी महाराज की पावन प्रेरणा से हम हरिद्वार में एक आश्रम की स्थापना की ओर अग्रसर हैं। हमारा संकल्प है—गुरु परंपरा के प्रति श्रद्धा, योग-साधना, सत्संग और निःस्वार्थ सेवा के माध्यम से आध्यात्मिक चेतना एवं सनातन संस्कारों का प्रसार करना। इस पावन संकल्प में हमारे साथ जुड़ें।



श्री गुरु गोरखनाथ महाराज एवं श्री भर्तृहरि जी महाराज के प्रति श्रद्धा के साथ सनातन धर्म, गुरु परंपरा और आध्यात्मिक मूल्यों का संरक्षण एवं प्रसार हमारा संकल्प है।
गुरु भक्ति के माध्यम से साधकों और श्रद्धालुओं को जोड़ना तथा भेदभाव से ऊपर उठकर प्रेम, करुणा और पारस्परिक सम्मान की भावना विकसित करना हमारा उद्देश्य है।
योग, ध्यान और आत्मचिंतन के माध्यम से जीवन में संयम, अनुशासन एवं आंतरिक संतुलन लाना। नई पीढ़ी को सदाचार, गुरु सम्मान और सेवा के संस्कारों से जोड़ना।
हरिद्वार में प्रस्तावित आश्रम के माध्यम से संतों, श्रद्धालुओं और जरूरतमंदों के लिए अन्न सेवा एवं सहायता की व्यवस्था विकसित करना हमारा संकल्प है।
भारतीय संस्कृति के प्रति सम्मान, सामाजिक एकता और नागरिक कर्तव्यों की भावना को बढ़ावा देना। सेवा, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण में सहभागिता से राष्ट्र कल्याण में योगदान देना।
श्री गुरु गोरखनाथ महाराज एवं श्री भर्तृहरि जी महाराज की पावन प्रेरणा से हरिद्वार में आश्रम स्थापना का संकल्प। श्रद्धालुओं, साधकों और सेवाभावी सहयोगियों को जोड़कर साधना, सत्संग एवं निःस्वार्थ सेवा का केंद्र विकसित करना हमारा उद्देश्य है।
हरिद्वार, उत्तराखंड से प्रारंभ हो रहे इस आध्यात्मिक संकल्प में विभिन्न प्रदेशों के श्रद्धालुओं एवं सेवाभावी सहयोगियों को जोड़ने का हमारा प्रयास है।
आश्रम स्थापना के संकल्प को आगे बढ़ाने के लिए हम श्रद्धालुओं, साधकों, स्वयंसेवकों और सहयोगियों को एक साथ जोड़ रहे हैं। गुरु परंपरा के प्रति श्रद्धा, आपसी समन्वय और सेवा भावना इस सहभागिता का आधार हैं।
प्राकृतिक आपदा से प्रभावित जरूरतमंद परिवारों के लिए सहायता।
सहयोग करेंसामाजिक, सांस्कृतिक और जनहित निर्माण कार्यों हेतु सहयोग।
सहयोग करेंश्री गुरु गोरखनाथ महाराज एवं श्री भर्तृहरि जी महाराज को समर्पित सत्संग, आध्यात्मिक आयोजन और आश्रम स्थापना से जुड़े कार्यक्रमों की तिथि व स्थान यहाँ साझा किए जाएँगे। नवीनतम जानकारी के लिए हमारे साथ जुड़े रहें।
सभी कार्यक्रम देखेंहरिद्वार की पावन भूमि पर आश्रम स्थापना के माध्यम से गुरु परंपरा, योग-साधना, सत्संग और निःस्वार्थ सेवा को समर्पित केंद्र विकसित करना हमारा संकल्प है। हम श्रद्धालुओं एवं सेवाभावी सहयोगियों को जोड़कर इस संकल्प को साकार करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

आश्रम स्थापना, साधना एवं सत्संग की व्यवस्था, सनातन संस्कारों का प्रसार और जनसेवा की पहल हमारे प्रस्तावित कार्यक्षेत्र हैं। उपलब्ध संसाधनों और सहयोग के अनुसार इन प्रकल्पों को चरणबद्ध रूप से आगे बढ़ाया जाएगा।
साधु, संत एवं महापुरुषों के मार्गदर्शन में धर्म, संस्कृति और आध्यात्मिक चेतना।
विस्तार देखेंमातृशक्ति में सामाजिक चेतना, नारी सशक्तिकरण तथा परिवारों में सांस्कृतिक मूल्य।
विस्तार देखेंअधिवक्ताओं के माध्यम से कानूनी सहायता, धार्मिक संरक्षण और जनहित मार्गदर्शन।
विस्तार देखेंछात्र-छात्राओं में राष्ट्रचेतना, शैक्षिक उत्थान और संस्कार निर्माण।
विस्तार देखेंव्यापारी एवं उद्यमियों का संगठन, आर्थिक सशक्तिकरण और धर्मार्थ सहयोग।
विस्तार देखेंस्वास्थ्य शिविर, निःशुल्क चिकित्सा परामर्श एवं जन-स्वास्थ्य रक्षा।
विस्तार देखेंभूतपूर्व सैनिकों द्वारा राष्ट्र हित में अनुशासन, सेवा और सुरक्षा सहयोग।
विस्तार देखेंशिक्षक एवं प्रोफेसरों द्वारा नैतिक मूल्यों पर आधारित शिक्षा और बौद्धिक संवाद।
विस्तार देखेंश्री गुरु गोरखनाथ महाराज एवं श्री भर्तृहरि जी महाराज को समर्पित हरिद्वार आश्रम की स्थापना में श्रद्धापूर्वक सहयोग करें। आपका योगदान आश्रम निर्माण और प्रस्तावित साधना एवं सेवा व्यवस्थाओं को साकार करने में सहायक होगा।
संस्थागत सहयोग के इच्छुक संगठनों का स्वागत है। प्रस्तावित जनकल्याण कार्यक्रमों, सहयोग के स्वरूप और उपलब्ध दस्तावेजों की जानकारी के लिए हमसे संपर्क करें। CSR सहयोग की संभावना संबंधित कार्यक्रम की पात्रता एवं आवश्यक पंजीकरणों की पुष्टि के आधार पर तय की जाएगी।
CSR साझेदारी करेंगुरु परंपरा के प्रति श्रद्धा और सेवा का भाव रखने वाले साधक, श्रद्धालु एवं स्वयंसेवक माधव आध्यात्मिक अभियान से जुड़ सकते हैं। अपना समय, कौशल और विचार देकर हरिद्वार आश्रम स्थापना तथा भावी आध्यात्मिक एवं सेवा कार्यक्रमों में सहभागी बनें।
सदस्यता फॉर्म भरेंआश्रम स्थापना का यह संकल्प सामूहिक सहभागिता से साकार होगा। आप अपनी सामर्थ्य के अनुसार आर्थिक सहयोग, निर्माण सामग्री, श्रमदान या उपयोगी सेवाओं के माध्यम से योगदान दे सकते हैं। सामग्री अथवा सेवा प्रदान करने से पहले आश्रम की वर्तमान आवश्यकताओं के लिए हमसे संपर्क करें।
सहयोग राशि प्रदान करें